Education(शिक्षा)-

प्रशांत फाउंडेशन शिक्षा को समाज का अभिन्न अंग के रूप में स्वीकृत करता है क्योंकि शिक्षा में ज्ञान, उचित आचरण और तकनीकी दक्षता , शिक्षण और विद्या प्राप्ति आदि समाविष्ट है। इस प्रकार यह कौशल , व्यापर , मानसिक , नैतिक और सौंदर्य विषयो के उत्कर्ष पर केंद्रित है।शिक्षा, समाज की एक पीढ़ी द्वारा अपने से निचली पीढ़ी को अपने ज्ञान के हस्तांतरण का प्रयास है। इस विचार से शिक्षा एक संस्था के रूप में काम करती है, जो व्यक्ति विशेष को समाज से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है तथा समाज की संस्कृति की निरंतरता को बनाए रखती है। बच्चा शिक्षा द्वारा समाज के आधारभूत नियमों, व्यवस्थाओं, समाज के प्रतिमानों एवं मूल्यों को सीखता है। बच्चा समाज से तभी जुड़ पाता है जब वह उस समाज विशेष के इतिहास से रूबरू होता है। शिक्षा व्यक्ति की अंतर्निहित क्षमता तथा उसके व्यक्तित्व को विकसित करने वाली प्रक्रिया है। यही प्रक्रिया उसे समाज में एक वयस्क की भूमिका निभाने के लिए समाजीकृत करती है तथा समाज के सदस्य एवं एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए व्यक्ति को आवश्यक ज्ञान तथा कौशल उपलब्ध कराती है।
इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए प्रशांत फाउंडेशन समय-समय पर शिक्षा की ज्योति को प्रत्येक नागरिक तक पहुचाने के लिए जागरूकता एवं निःशुल्क शिक्षा अभियान को समाज के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रो में प्रसारित करेगा। जिसका उद्देश्य शिक्षित समाज बनाना है नीचे प्रशांत फाउंडेशन द्वारा चलाये जाने वाले अभियानों को अंकित किया गया है जो यह दर्शाता है कि प्रशांत फाउंडेशन सामाजिक बदलाव में शिक्षा को आधार मानता है और यह भी दर्शाता है कि प्रशांत फाउंडेशन शिक्षा को समाज में प्रसारित करने के लिए ह्रदय से किस तरह से कृत-संकल्पित है।

  • निःशुल्क शिक्षा-प्रशांत फाउंडेशन शिक्षा की सामाजिक महत्ता को भली-भांति जानता है। इसीलिए प्रशांत फाउंडेशन समाज के ग्रामीण क्षेत्रो के , आर्थिक कमजोर व् सामाजिक पिछड़े वर्ग के होनहार बच्चो की सूची तैयार कर उन्हें उच्च कोटि की निःशुल्क प्राथमिक शिक्षा मुहैया करायेगा । जिससे वे बच्चे भविष्य में अपने परिवार का भरण-पोषण करने के साथ-साथ इस राष्ट्र रुपी समाज को सभी क्षेत्रों में उन्नति के पथ पर ले जा कर । एक नया कृतिमान स्थापित करेगे, जो समाज के लिए प्रेरणा का विषय होगा।
  • शिक्षा जागरूकता अभियान-आज के आधुनिक युग में सरकार शिक्षा को सभी लोगो तक पहुचाने का भरसक प्रयास कर रही है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लगभग सभी ग्रामीण क्षेत्रो में प्राथमिक विद्यालय है। लेकिन फिर भी पिछड़े गांव के लोग शिक्षा की महत्ता को न समझते हुए अपने बच्चो को विद्यालय नही भेजते है उनकी इस अवधारणा को सकारात्मक रूप से परिवर्तित करने के प्रयास से प्रशांत फाउंडेशन घर-घर में जा कर बच्चो के परिजनों को शिक्षा के कल्याणकारी महत्व को प्रसारित करेगा । जिससे समाज में व्याप्त अंधकार को शिक्षा रुपी ज्योति से उजागर किया जा सके।
  • शारीरिक शिक्षा पर विशेष बल-प्रशांत फाउंडेशन ग्रामीण क्षेत्रो के सरकारी व गैर-सरकारी विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा को प्रसारित करेगा । जिससे बच्चो में जहाँ एक तरफ शारीरिक व मानसिक विकास होगा वही दूसरे तरफ बच्चो के अंदर छुपी खेल प्रतिभा भी निखरेगी ।

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